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Friday, 21 July 2017

काशी ( भोले की नगरी वाराणसी)

पीड़ित जन हम युगों-युगों से, आकर तेरे द्वार खड़े,

जितना भोला मुख मंडल है, उतना तीखा भाला है।

असुरों को बींधा हर युग में, मुख पर विष का प्याला है॥
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Sunday, 4 June 2017

India V/S Pakistan

पाकिस्तानीयो के लिए दो लाइन अर्ज किया है...
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गीले चावल मे शक्कर क्या गिरी,, तुम भीखारी खीर समझ बैठे...
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चंद कुत्तो ने पाकिस्तान जिन्दाबाद क्या बोला,, तुम कश्मीर को अपने बाप की जागीर समझ बैठे....!!!!

Thursday, 11 May 2017

The Quality of Varanasi

काशी कबहुँ न छोड़िये, विश्व्नाथ का धाम,
  मरने पर गंगा मिले, जियते लंगड़ा आम
               *बोलो जय श्री राम

Dedicated to Indian Army


बेटे भी घर छोड़ के जाते हैं..
अपनी जान से ज़्यादा..प्यारा लेपटाॅप छोड़ कर...
अलमारी के ऊपर रखा...धूल खाता गिटार छोड़ कर...
जिम के सारे लोहे-बट्टे...और बाकी सारी मशीने...
मेज़ पर बेतरतीब पड़ी...वर्कशीट, किताबें, काॅपियाँ...
सारे यूँ ही छोड़ जाते है...बेटे भी घर छोड़ जाते हैं.!!
अपनी मन पसन्द ब्रान्डेड...जीन्स और टीशर्ट लटका...
अलमारी में कपड़े जूते...और गंध खाते पुराने मोजे...
हाथ नहीं लगाने देते थे... वो सबकुछ छोड़ जाते हैं...
बेटे भी घर छोड़ जाते हैं.!!
जो तकिये के बिना कहीं...भी सोने से कतराते थे...
आकर कोई देखे तो वो...कहीं भी अब सो जाते हैं...
खाने में सो नखरे वाले..अब कुछ भी खा लेते हैं...
अपने रूम में किसी को...भी नहीं आने देने वाले...
अब एक बिस्तर पर सबके...साथ एडजस्ट हो जाते हैं...
बेटे भी घर छोड़ जाते हैं.!!
घर को मिस करते हैं लेकिन...कहते हैं 'बिल्कुल ठीक हूँ'...
सौ-सौ ख्वाहिश रखने वाले...अब कहते हैं 'कुछ नहीं चाहिए'...
पैसे कमाने की होड़ में...वो भी कागज बन जाते हैं...
सिर्फ बेटियां ही नहीं साहब...
. . . . बेटे भी घर छोड़ जाते हैं..!
और वो बेटे फौजी केहलाते हैं...!

बनारसी भौकाल

बनारसी  धमकियाँ

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1. बेटा जेतना तोहर उमर हौ, ओकर दुगना हमार कमर हौ!

2. चवन्नी भर क हउवे, आउर डॉलर भर भौकाल!

3. एतना गोली मारब की छर्रा बिनत-बिनत करोडपति हो जइबे!

4. धाम चंडी काशी में, जीवन बीतल बदमाशी में!

5. हमके जान ले, हम मारीला कम और घसिटीला जादा!

6. बेटा… सज के आयल हउवे, बज के जइबे!

7. गुरु… सम्हर जा, नाही त हफ्तन गोली चली आउर महिन्नन धुंआ उडी!

And Latest..”

8.मारब अइठ के रोइबा बइठ के।