Saturday, 13 May 2017

Mother's Day Special

आज मातृ दिवस है, एक ऐसा दिन जिस दिन हमें संसार की समस्त माताओं का सम्मान और सलाम करना चाहिये। वैसे माँ किसी के सम्मान की मोहताज नहीं होती, माँ शब्द ही सम्मान के बराबर होता है, मातृ दिवस मनाने का उद्देश्य पुत्र के उत्थान में उनकी महान भूमिका को सलाम करना है। श्रीमद भागवत गीता में कहा गया है कि माँ की सेवा से मिला आशीर्वाद सात जन्म के पापों को नष्ट करता है। यही माँ शब्द की महिमा है। असल में कहा जाए तो माँ ही बच्चे की पहली गुरु होती है एक माँ आधे संस्कार तो बच्चे को अपने गर्भ मैं ही दे देती है यही माँ शब्द की शक्ति को दशार्ता है, वह माँ ही होती है पीडा सहकर अपने शिशु को जन्म देती है। और जन्म देने के बाद भी मॉं के चेहरे पर एक सन्तोषजनक मुस्कान होती है इसलिए माँ को सनातन धर्म में भगवान से भी ऊँचा दर्जा दिया गया है।

‘माँ’ शब्द एक ऐसा शब्द है जिसमे समस्त संसार का बोध होता है। जिसके उच्चारण मात्र से ही हर दुख दर्द का अंत हो जाता है। ‘माँ’ की ममता और उसके आँचल की महिमा को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है, उसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है।  गीता में कहा गया है कि ‘‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गदपि गरीयसी।’’ अर्थात, जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है। कहा जाए तो जननी और जन्मभूमि के बिना स्वर्ग भी बेकार है क्योंकि माँ कि ममता कि छाया ही स्वर्ग का एहसास कराती है। जिस घर में माँ का सम्मान नहीं किया जाता है वो घर नरक से भी बदतर होता है, भगवान श्रीराम माँ शब्द को स्वर्ग से बढकर मानते थे क्योंकि संसार में माँ नहीं होगी तो संतान भी नहीं होगी और संसार भी आगे नहीं बढ पाएगा। संसार में माँ के समान कोई छाया नहीं है। संसार में माँ के समान कोई सहारा नहीं है। संसार में माँ के समान कोई रक्षक नहीं है और माँ के समान कोई प्रिय चीज नहीं है। एक माँ अपने पुत्र के लिए छाया, सहारा, रक्षक का काम करती है। माँ के रहते कोई भी बुरी शक्ति उसके जीवित रहते उसकी संतान को छू नहीं सकती। इसलिए एक माँ ही अपनी संतान की सबसे बडी रक्षक है। दुनिया में अगर कहीं स्वर्ग मिलता है तो वो माँ के चरणों में मिलता है। जिस घर में माँ का अनादर किया जाता है, वहाँ कभी देवता वास नहीं करते। एक माँ ही होती है जो बच्चे कि हर गलती को माफ कर गले से लगा लेती है। यदि नारी नहीं होती तो सृष्टि की रचना नहीं हो सकती थी। स्वयं ब्रह्मा, विष्णु और महेश तक सृष्टि की रचना करने में असमर्थ बैठे थे। जब ब्रह्मा जी ने नारी की रचना की तभी से सृष्टि की शुरूआत हुई। बच्चे की रक्षा के लिए बड़ी से बड़ी चुनौती का डटकर सामना करना और बड़े होने पर भी वही मासूमियत और कोमलता भरा व्यवहार ये सब ही तो हर ‘माँ’ की मूल पहचान है।

दुनिया की हर नारी में मातृत्व वास करता है। बेशक उसने संतान को जन्म दिया हो या न दिया हो। नारी इस संसार और प्रकृति की ‘जननी’ है। नारी के बिना तो संसार की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इस सृष्टि के हर जीव और जन्तु की मूल पहचान माँ होती है। अगर माँ न हो तो संतान भी नहीं होगी और न ही सृष्टि आगे बढ पाएगी। इस संसार में जितने भी पुत्रों की मां हैं, वह अत्यंत सरल रूप में हैं। कहने का मतलब कि मां एकदम से सहज रूप में होती हैं। वे अपनी संतानों पर शीघ्रता से प्रसन्न हो जाती हैं। वह अपनी समस्त खुशियां अपनी संतान के लिए त्याग देती हैं, क्योंकि पुत्र कुपुत्र हो सकता है, पुत्री कुपुत्री हो सकती है, लेकिन माता कुमाता नहीं हो सकती। एक संतान माँ को घर से निकाल सकती है लेकिन माँ हमेशा अपनी संतान को आश्रय देती है। एक माँ ही है जो अपनी संतान का पेट भरने के लिए खुद भूखी सो जाती है और उसका हर दुख दर्द खुद सहन करती है।

लेकिन आज के समय में बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो अपने मात-पिता को बोझ समझते हैं। और उन्हें वृध्दाआश्रम में रहने को मजबूर करते हैं। ऐसे लोगों को आज के दिन अपनी गलतियों का पश्चाताप कर अपने माता-पिताओं को जो वृध्द आश्रम में रह रहे हैं उनको घर लाने के लिए अपना कदम बढाना चाहिए। क्योंकि माता-पिता से बढकर दुनिया में कोई नहीं होता। माता के बारे में कहा जाए तो जिस घर में माँ नहीं होती या माँ का सम्मान नहीं किया जाता वहाँ दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का वास नहीं होता। हम नदियों और अपनी भाषा को माता का दर्जा दे सकते हैं तो अपनी माँ से वो हक क्यों छीन रहे हैं। और उन्हें वृध्दाआश्रम भेजने को मजबूर कर रहे है। यह सोचने वाली बात है। माता के सम्मान का एक दिन नहीं होता। माता का सम्मान हमें 365 दिन करना चाहिए। लेकिन क्यों न हम इस मातृ दिवस से अपनी गलतियों का पश्चाताप कर उनसे माफी मांगें। और माता की आज्ञा का पालन करने और अपने दुराचरण से माता को कष्ट न देने का संकल्प लेकर मातृ दिवस को सार्थक बनाएं

Thursday, 11 May 2017

The Quality of Varanasi

काशी कबहुँ न छोड़िये, विश्व्नाथ का धाम,
  मरने पर गंगा मिले, जियते लंगड़ा आम
               *बोलो जय श्री राम

Dedicated to Indian Army


बेटे भी घर छोड़ के जाते हैं..
अपनी जान से ज़्यादा..प्यारा लेपटाॅप छोड़ कर...
अलमारी के ऊपर रखा...धूल खाता गिटार छोड़ कर...
जिम के सारे लोहे-बट्टे...और बाकी सारी मशीने...
मेज़ पर बेतरतीब पड़ी...वर्कशीट, किताबें, काॅपियाँ...
सारे यूँ ही छोड़ जाते है...बेटे भी घर छोड़ जाते हैं.!!
अपनी मन पसन्द ब्रान्डेड...जीन्स और टीशर्ट लटका...
अलमारी में कपड़े जूते...और गंध खाते पुराने मोजे...
हाथ नहीं लगाने देते थे... वो सबकुछ छोड़ जाते हैं...
बेटे भी घर छोड़ जाते हैं.!!
जो तकिये के बिना कहीं...भी सोने से कतराते थे...
आकर कोई देखे तो वो...कहीं भी अब सो जाते हैं...
खाने में सो नखरे वाले..अब कुछ भी खा लेते हैं...
अपने रूम में किसी को...भी नहीं आने देने वाले...
अब एक बिस्तर पर सबके...साथ एडजस्ट हो जाते हैं...
बेटे भी घर छोड़ जाते हैं.!!
घर को मिस करते हैं लेकिन...कहते हैं 'बिल्कुल ठीक हूँ'...
सौ-सौ ख्वाहिश रखने वाले...अब कहते हैं 'कुछ नहीं चाहिए'...
पैसे कमाने की होड़ में...वो भी कागज बन जाते हैं...
सिर्फ बेटियां ही नहीं साहब...
. . . . बेटे भी घर छोड़ जाते हैं..!
और वो बेटे फौजी केहलाते हैं...!

हमारी काशी

हमारा शहर(छोटी काशी)
           **********
जहाँ कि शाम बड़ी रंगीन,
जहाँ के लोग बड़े शौकीन।

जहाँ घर-घर में शिव का जाप,
जहाँ टिक सका कभी न पाप।

जहाँ पावन तीरथ वरदान,
जहाँ जन श्रुतियों का सम्मान।

जहाँ पर शिव अविनाशी है,
वही तो छोटी काशी है।।

जहाँ पर सूख गये सब ताल,
हैं बैठे अब उदास घड़ियाल।

जहाँ पर नहीं कोई सरकार ,
पाँच सौ से ऊपर अखबार।

जहाँ पर जहर फेंकती मिल,
जहाँ पर ताण बना दें तिल।

जहाँ पर रानी दासी है,
वही तो छोटी काशी है।

जहाँ सबसे ज्यादा प्रतिशोध,
नही अपराधों पर गतिरोध।

जहाँ पर सभी ठोंकते ताल,
जहाँ पर ठेकेदार - दलाल।

जहाँ पर सर्वाधिक नेता,
कई हैं सच्चे अभिनेता।

जहाँ पर हैजा-खाँसी है,
वही तो छोटी काशी है।

शेष अग्रिम चक्र में आगे कि कविता आपको मिलेगी।।

रवि पटेल

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बनारसी भौकाल

बनारसी  धमकियाँ

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1. बेटा जेतना तोहर उमर हौ, ओकर दुगना हमार कमर हौ!

2. चवन्नी भर क हउवे, आउर डॉलर भर भौकाल!

3. एतना गोली मारब की छर्रा बिनत-बिनत करोडपति हो जइबे!

4. धाम चंडी काशी में, जीवन बीतल बदमाशी में!

5. हमके जान ले, हम मारीला कम और घसिटीला जादा!

6. बेटा… सज के आयल हउवे, बज के जइबे!

7. गुरु… सम्हर जा, नाही त हफ्तन गोली चली आउर महिन्नन धुंआ उडी!

And Latest..”

8.मारब अइठ के रोइबा बइठ के।

Wednesday, 3 May 2017

छोटे भाई के जीवन में बड़े भाई का महत्व

बड़े भाई का महत्व........बड़ी बहन की भूमिका

जीवन में बड़ा होना बहुत सी ज़िम्मेदारियाँ लाता है। किसी भी परिवार में खासकर जब परिवार बड़ा होता है तो बड़े भाई या बड़ी बहन की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। बड़ा होना चूंकि अनुभव में परिपक्व बनाता है अतः छोटे भाई बहनों का सही पथ प्रदर्शन करना एक बड़ी ज़िम्मेदारी हो जाती है।

आज के त्वरित भौतिक परिवेश में सहनशीलता का स्तर गिरता जा रहा है अतः कई बार यह देखने में आता है कि या तो बड़ा भाई अपने छोटे भाई की अनदेखी करता है या फिर छोटा भाई बड़े भाई की बात नही मानता।कभी कभी तो रिश्ते इतने बिगड़ जाते हैं कि हाँथा पाई की नौबत तक आ जाती है। बहनों के बीच यह स्थिति तो नही उत्पन्न होती लेकिन बोलचाल ज़रूर बन्द हो जाती है।

अब महत्वपूर्ण बात ये है कि हम इस सांसारिक जीवन में चाहते क्या हैं। अगर भाई भाई के बीच संपत्ति को लेकर झगड़ा है तो इसका सीधा सा अर्थ है कि कहीं न कही व्यवस्था की कमी है या किसी एक पक्ष की ग़लती अधिक है जिससे मामलात बिगड़े हुए हैं। अगर ग़लती बड़े भाई की है तो बड़े भाई के लिए यह शोभा नही देता की वह अपने छोटे भाई के साथ नाइंसाफी करे। अगर छोटा भाई थोड़ा दबंग हो और हठधर्मी पर उतारू हो तो यह उसके लिए भी शोभा नही देता की वह अपने बड़े भाई पर रोब झाड़े।

कुल खुलासा ये है कि जो चीज़ नश्वर है हम उसे पाने के लिए आपस के रिश्तों को भी अनदेखा कर देते हैं, जो उचित नही। आपसी रिश्तों  की अहमियत बहुत अधिक होती है सांसारिक भौतिक वस्तुओं के लालच में इनका बलिदान नही करना चाहिए। इस दुनिया में बड़े बड़े राजा महाराजा पैदा हुए और चले गए अब कोई इस संसार में बचा नही है और सबकी दौलत इसी दुनिया में रह गयी।
अतः दौलत के नशे से बचना चाहिए।

जो भी इस संसार में आया है उसे एक दिन जाना होगा अतः जीवन इस अंदाज से जिए कि अंतिम समय में किसी प्रकार कि आत्मग्लानि न हो। यानि अंतिम समय में एक संतुष्टि का भाव रहे कि दुनिया में मैंने किसी के साथ बुरा नही किया। यह स्थिति हमें तभी प्राप्त होगी जब हम इसके लिए सजग रहेंगे। यह सजगता हमारे रिश्तों में कभी दरार नही आने देगी। 

                       RAVI PATEL

Sunday, 30 April 2017

बलिदान

*तू शहीद हुआ, ना जाने कैसे "तेरी माँ" सोयी होगी*
*एक बात तो तय है, तुझे लगने वाली गोली भी सौ बार रोई होगी*
*शत शत नमन शहीदों को*
*🙏जय हिन्द🙏*

Saturday, 22 April 2017

कुछ चन्द लाइनें देश के जवानों के नाम

(एक माँ कश्मीर मे पिटने वाले फौजी बेटे से)

फोन किया माँ ने बेटे को........तूने नाक कटाई है,
तेरी बहना से सब कहते .........बुजदिल तेरा भाई है!

ऐसी भी क्या मजबुरी थी........ऐसी क्या लाचारी थी,
कुछ कुत्तो की टोली कैसे........तुम शेरो पर भारी थी!
वीर शिवा के वंशज थे तुम......चाट क्यु ऐसे धुल गए,
हाथो मे हथियार तो थे.......क्यु उन्हें चलाना भूल गये!
गीदड़ बेटा पैदा कर के............मैने कोख लजाई है,
तेरी बहना से सब कहते .........बुजदिल तेरा भाई है!!
      
              (लाचार फौजी अपनी माँ से)

इतना भी कमजोर नही था.......माँ मेरी मजबुरी थी,
उपर से फरमान यही था.......चुप्पी बहुत जरूरी थी!
सरकारे ही पिटवाती है..........हमको इन गद्दारो से,
गोली का आदेश नही है.......दिल्ली के दरबारो से!
गिन-गिनकर मैं बदले लूँगा.....कसम ये मैंने खाई है,
तू गुड़िया से कह देना .... ना बुजदिल तेरा भाई है!!

Saturday, 1 April 2017

योगी आदित्यनाथ

Yogi Adityanath.jpg
उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री
पूर्वा धिकारी अखिलेश यादव
चुनाव-क्षेत्र गोरखपुर
पदस्थ
कार्यालय ग्रहण
19 मार्च 2017
जन्म 5 जून 1972 (आयु 44 वर्ष)
पंचूड़, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड
राष्ट्रीयता भारतीय
राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी
निवास गोरखनाथ मठ, गोरखपुर
धर्म हिन्दू (नाथ सम्प्रदाय)
जालस्थल yogiadityanath.in
योगी आदित्यनाथ (मूल नाम : अजय सिंह बिष्ट; जन्म 5 जून 1972) गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मन्दिर के महन्त[1] तथा राजनेता हैं एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री हैं। इन्होंने 19 मार्च 2017 को प्रदेश के विधान सभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद यहाँ के 21वें मुख्यमन्त्री पद की शपथ ली।[2] वे 1998 से लगातार भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं[3] और 2014 लोकसभा चुनाव में भी यहीं से सांसद चुने गए थे। आदित्यनाथ गोरखनाथ मन्दिर के पूर्व महन्त अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं। ये हिन्दू युवाओं के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह हिन्दू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं, तथा इनकी छवि कथित तौर पर एक कट्टर हिन्दू नेता की रही है।[2]

Thursday, 9 March 2017

लव जेहाद क्या है

कुछ लड़के लड़कियां काॅलेज की केन्टीन मे बैठ कर आजकल TV पर चल रहे "लव जिहाद" पर चर्चा कर रहे थे ।

एक लड़की ने कहा: "सब बकवास है यार,... प्रेम में धर्म कहां बीच में आ गया....? प्रेम तो हो जाता है यारों...!!

तब उसीकी एक सहली बोली; "अगर कोई मुस्लिम लड़का तुझे खुद को हिन्दू बता कर फसायें....और वो भी अपने जेहाद, अपने धर्म का लक्ष्य पूरा करने के लिए....और तुझसे शादी करले....और "शादी के बाद" तुझे पता चले के तेरा पति मुस्लिम है....
बोल, तेरे साथ धोखा हुआ है कि नहीं.....? तुझे कैसा लगेगा ...?

वो बोली "ये तो गलत है, धोखा है, Fraud है।"

फिर उस सहेली ने कुछ सवाल किये: "चल, लव जेहाद को छोड़....
तु Broad Minded है, Modern है, Secular है....और मान ले, तु एक मुस्लिम से शादी कर लेती है....Ok..?

(1) But क्या तू यह सहन कर पायेगी के तेरा पति तुझसे शादी के बाद और 3 बीवीयां लाये...?
क्यूंकि इस्लाम तो 4 शादी की इजाज़त देता है ना..!!
और सुन, मुस्लिम समाज में औरतों को अपने पति को तलाक देने का भी कोई अधिकार नहीं है, जबकि "वो" तुझे केवल 3 बार "तलाक तलाक तलाक" कहकर ही तलाक दे सकता है...!!

वो बोली "बिल्कुल नही मेरा पति सिर्फ मेरा होना चाहिए। यह तो सरासर मुस्लिम महिलाओं का शोषण....अत्याचार है।

(2) क्या तू चाहती है कि, तू हर साल गर्भवती हो ? और तुझे बच्चे पैदा करने वाली मशीन बना दिया जाये ?

वह बोली "मै.. और हर साल pregnent... हरगिज नहीं..."

(3) क्या तुझे यह पसंद आयेगा कि तेरा पति हफ्ते में सिर्फ जुम्मे (Friday) के दिन ही नहाये...और बाकी के दिनो मे सिर्फ इत्र लगा के घुमे?

"छी छी छी.......सिर्फ हफ्ते में एक दिन नहाये, तो उसे मैं अपने करीब भी ना आने दूं"

(4) क्य तुझे यह पसंद आयेगा की तेरे घर मे रोज किसी निर्दोष जानवर को मारके, काटके, उसका मांस मटन तुझे पकाना पडे....?
कभी कभी तो गाय भी मार के खाते उनके यहाँ...तो, क्या तू गाय खायेगी ?

वो बोली "बिल्कुल नही"

(5) रोज जींस पहन कर कोलेज आती है और शादी के बाद बुर्का पहनना पडे़, तो तू पहनेगी...?

वो बोली "ये तो औरतो को कैद करना जैसा हुआ !"

(6) तुझे पता है मुस्लिम औरत शादी के बाद नौकरी नहीं कर सकती, मौलवी का फतवा है....
और 90% मुस्लिम अपनी बीवी को बुरका के साथ घर की चार दीवारी मै कैद रखते है....चाहे उससे गर्मी में उनकी खाल जलती हो ।

वह बोली "यह कहां का न्याय है..? फिर मैंने जो पढाई की उसका कोई मेल ही नही रहेगा.... मै तो शादी के बाद भी जॉब करना चाहती हुं।

(7) और सुन, क्या तुझे यह पसंद आयेगा की तेरी बेटी का विवाह उसके चाचा, बुआ के बेटे के साथ हो.....?
वो बोली "चाचा और बुआ का लड़का तो भाई होता है...भाई के साथ शादी...?हरगिज नहीं..."

(8) क्या तु जानती है कि यह मुस्लिम शादी के पहले तो चिकने (Clean Shave) रहते है।
लेकिन 35 साल की उम्र के बाद ये दाढी रखते है...
तो क्या तुझे अच्छा लगेगा की तेरा पति बालों से भरा हुआ रीछ सा लगे ?

वो बोली "छी छी हरगिज नही"

(9) क्या तुझे पता है की मुस्लिम अपनी 10-12 साल की उम्र की लडकी को भी 50-55 साल के बुढ़े आदमी से शादी करवा देते हैं,....क्योकि उनके "अल्लाह मोहम्मद साहब" ने भी अपने दोस्त अबु बकर की 9 साल की बेटी आयशा से शादी की थी....इस्लाम मैं ये बुरा नहीं माना जाता।

वो चौंकी "क्या बात कर रहे हो...?"

चल अब बता कि क्या तुझे "लव जिहाद" का शिकार होना है ?

फिर वो बोली: "Sorry यारों, माना कि प्यार हो जाता है....लेकिन कोई अपने जेहाद (धर्म बढ़ाने की बड़ी योजना) के लिए प्यार जैसे पवित्र रिश्ते को भी बदनाम करे....और जिदंगी भर का दुख दे, तो यह मुझे स्वीकार नही,.....
शादी इन्सान के जीवन में बहुत महत्व रखती है शादी जैसा पवित्र रिश्ता तो बहुत सोच समझ कर करना  चाहिए...
हमारे संस्कारों में तो शादी एक बार ही होती है बार बार नहीं....मैं तो समझ गई....
और अब मै मेरी और भी हिन्दू सहलियों को समझाऊगी....
कुछ लड़के लड़कियां काॅलेज की केन्टीन मे बैठ कर आजकल TV पर चल रहे "लव जिहाद" पर चर्चा कर रहे थे ।  एक लड़की ने कहा: "सब बकवास है यार,... प्रेम में धर्म कहां बीच में आ गया....? प्रेम तो हो जाता है यारों...!!  तब उसीकी एक सहली बोली; "अगर कोई मुस्लिम लड़का तुझे खुद को हिन्दू बता कर फसायें....और वो भी अपने जेहाद, अपने धर्म का लक्ष्य पूरा करने के लिए....और तुझसे शादी करले....और "शादी के बाद" तुझे पता चले के तेरा पति मुस्लिम है.... बोल, तेरे साथ धोखा हुआ है कि नहीं.....? तुझे कैसा लगेगा ...?   वो बोली "ये तो गलत है, धोखा है, Fraud है।"  फिर उस सहेली ने कुछ सवाल किये: "चल, लव जेहाद को छोड़.... तु Broad Minded है, Modern है, Secular है....और मान ले, तु एक मुस्लिम से शादी कर लेती है....Ok..?  (1) But क्या तू यह सहन कर पायेगी के तेरा पति तुझसे शादी के बाद और 3 बीवीयां लाये...? क्यूंकि इस्लाम तो 4 शादी की इजाज़त देता है ना..!! और सुन, मुस्लिम समाज में औरतों को अपने पति को तलाक देने का भी कोई अधिकार नहीं है, जबकि "वो" तुझे केवल 3 बार "तलाक तलाक तलाक" कहकर ही तलाक दे सकता है...!!  वो बोली "बिल्कुल नही मेरा पति सिर्फ मेरा होना चाहिए। यह तो सरासर मुस्लिम महिलाओं का शोषण....अत्याचार है।  (2) क्या तू चाहती है कि, तू हर साल गर्भवती हो ? और तुझे बच्चे पैदा करने वाली मशीन बना दिया जाये ?   वह बोली "मै.. और हर साल pregnent... हरगिज नहीं..."  (3) क्या तुझे यह पसंद आयेगा कि तेरा पति हफ्ते में सिर्फ जुम्मे (Friday) के दिन ही नहाये...और बाकी के दिनो मे सिर्फ इत्र लगा के घुमे?   "छी छी छी.......सिर्फ हफ्ते में एक दिन नहाये, तो उसे मैं अपने करीब भी ना आने दूं"  (4) क्य तुझे यह पसंद आयेगा की तेरे घर मे रोज किसी निर्दोष जानवर को मारके, काटके, उसका मांस मटन तुझे पकाना पडे....?  कभी कभी तो गाय भी मार के खाते उनके यहाँ...तो, क्या तू गाय खायेगी ?   वो बोली "बिल्कुल नही"  (5) रोज जींस पहन कर कोलेज आती है और शादी के बाद बुर्का पहनना पडे़, तो तू पहनेगी...?  वो बोली "ये तो औरतो को कैद करना जैसा हुआ !"   (6) तुझे पता है मुस्लिम औरत शादी के बाद नौकरी नहीं कर सकती, मौलवी का फतवा है.... और 90% मुस्लिम अपनी बीवी को बुरका के साथ घर की चार दीवारी मै कैद रखते है....चाहे उससे गर्मी में उनकी खाल जलती हो ।  वह बोली "यह कहां का न्याय है..? फिर मैंने जो पढाई की उसका कोई मेल ही नही रहेगा.... मै तो शादी के बाद भी जॉब करना चाहती हुं।  (7) और सुन, क्या तुझे यह पसंद आयेगा की तेरी बेटी का विवाह उसके चाचा, बुआ के बेटे के साथ हो.....?  वो बोली "चाचा और बुआ का लड़का तो भाई होता है...भाई के साथ शादी...?हरगिज नहीं..."   (8) क्या तु जानती है कि यह मुस्लिम शादी के पहले तो चिकने (Clean Shave) रहते है।  लेकिन 35 साल की उम्र के बाद ये दाढी रखते है... तो क्या तुझे अच्छा लगेगा की तेरा पति बालों से भरा हुआ रीछ सा लगे ?  वो बोली "छी छी हरगिज नही"   (9) क्या तुझे पता है की मुस्लिम अपनी 10-12 साल की उम्र की लडकी को भी 50-55 साल के बुढ़े आदमी से शादी करवा देते हैं,....क्योकि उनके "अल्लाह मोहम्मद साहब" ने भी अपने दोस्त अबु बकर की 9 साल की बेटी आयशा से शादी की थी....इस्लाम मैं ये बुरा नहीं माना जाता।   वो चौंकी "क्या बात कर रहे हो...?"  चल अब बता कि क्या तुझे "लव जिहाद" का शिकार होना है ?  फिर वो बोली: "Sorry यारों, माना कि प्यार हो जाता है....लेकिन कोई अपने जेहाद (धर्म बढ़ाने की बड़ी योजना) के लिए प्यार जैसे पवित्र रिश्ते को भी बदनाम करे....और जिदंगी भर का दुख दे, तो यह मुझे स्वीकार नही,..... शादी इन्सान के जीवन में बहुत महत्व रखती है शादी जैसा पवित्र रिश्ता तो बहुत सोच समझ कर करना  चाहिए... हमारे संस्कारों में तो शादी एक बार ही होती है बार बार नहीं....मैं तो समझ गई.... और अब मै मेरी और भी हिन्दू सहलियों को समझाऊगी....

कुछ लड़के लड़कियां काॅलेज की केन्टीन मे बैठ कर आजकल TV पर चल रहे "लव जिहाद" पर चर्चा कर रहे थे ।  एक लड़की ने कहा: "सब बकवास है यार,... प्रेम में धर्म कहां बीच में आ गया....? प्रेम तो हो जाता है यारों...!!  तब उसीकी एक सहली बोली; "अगर कोई मुस्लिम लड़का तुझे खुद को हिन्दू बता कर फसायें....और वो भी अपने जेहाद, अपने धर्म का लक्ष्य पूरा करने के लिए....और तुझसे शादी करले....और "शादी के बाद" तुझे पता चले के तेरा पति मुस्लिम है.... बोल, तेरे साथ धोखा हुआ है कि नहीं.....? तुझे कैसा लगेगा ...?   वो बोली "ये तो गलत है, धोखा है, Fraud है।"  फिर उस सहेली ने कुछ सवाल किये: "चल, लव जेहाद को छोड़.... तु Broad Minded है, Modern है, Secular है....और मान ले, तु एक मुस्लिम से शादी कर लेती है....Ok..?  (1) But क्या तू यह सहन कर पायेगी के तेरा पति तुझसे शादी के बाद और 3 बीवीयां लाये...? क्यूंकि इस्लाम तो 4 शादी की इजाज़त देता है ना..!! और सुन, मुस्लिम समाज में औरतों को अपने पति को तलाक देने का भी कोई अधिकार नहीं है, जबकि "वो" तुझे केवल 3 बार "तलाक तलाक तलाक" कहकर ही तलाक दे सकता है...!!  वो बोली "बिल्कुल नही मेरा पति सिर्फ मेरा होना चाहिए। यह तो सरासर मुस्लिम महिलाओं का शोषण....अत्याचार है।  (2) क्या तू चाहती है कि, तू हर साल गर्भवती हो ? और तुझे बच्चे पैदा करने वाली मशीन बना दिया जाये ?   वह बोली "मै.. और हर साल pregnent... हरगिज नहीं..."  (3) क्या तुझे यह पसंद आयेगा कि तेरा पति हफ्ते में सिर्फ जुम्मे (Friday) के दिन ही नहाये...और बाकी के दिनो मे सिर्फ इत्र लगा के घुमे?   "छी छी छी.......सिर्फ हफ्ते में एक दिन नहाये, तो उसे मैं अपने करीब भी ना आने दूं"  (4) क्य तुझे यह पसंद आयेगा की तेरे घर मे रोज किसी निर्दोष जानवर को मारके, काटके, उसका मांस मटन तुझे पकाना पडे....?  कभी कभी तो गाय भी मार के खाते उनके यहाँ...तो, क्या तू गाय खायेगी ?   वो बोली "बिल्कुल नही"  (5) रोज जींस पहन कर कोलेज आती है और शादी के बाद बुर्का पहनना पडे़, तो तू पहनेगी...?  वो बोली "ये तो औरतो को कैद करना जैसा हुआ !"   (6) तुझे पता है मुस्लिम औरत शादी के बाद नौकरी नहीं कर सकती, मौलवी का फतवा है.... और 90% मुस्लिम अपनी बीवी को बुरका के साथ घर की चार दीवारी मै कैद रखते है....चाहे उससे गर्मी में उनकी खाल जलती हो ।  वह बोली "यह कहां का न्याय है..? फिर मैंने जो पढाई की उसका कोई मेल ही नही रहेगा.... मै तो शादी के बाद भी जॉब करना चाहती हुं।  (7) और सुन, क्या तुझे यह पसंद आयेगा की तेरी बेटी का विवाह उसके चाचा, बुआ के बेटे के साथ हो.....?  वो बोली "चाचा और बुआ का लड़का तो भाई होता है...भाई के साथ शादी...?हरगिज नहीं..."   (8) क्या तु जानती है कि यह मुस्लिम शादी के पहले तो चिकने (Clean Shave) रहते है।  लेकिन 35 साल की उम्र के बाद ये दाढी रखते है... तो क्या तुझे अच्छा लगेगा की तेरा पति बालों से भरा हुआ रीछ सा लगे ?  वो बोली "छी छी हरगिज नही"   (9) क्या तुझे पता है की मुस्लिम अपनी 10-12 साल की उम्र की लडकी को भी 50-55 साल के बुढ़े आदमी से शादी करवा देते हैं,....क्योकि उनके "अल्लाह मोहम्मद साहब" ने भी अपने दोस्त अबु बकर की 9 साल की बेटी आयशा से शादी की थी....इस्लाम मैं ये बुरा नहीं माना जाता।   वो चौंकी "क्या बात कर रहे हो...?"  चल अब बता कि क्या तुझे "लव जिहाद" का शिकार होना है ?  फिर वो बोली: "Sorry यारों, माना कि प्यार हो जाता है....लेकिन कोई अपने जेहाद (धर्म बढ़ाने की बड़ी योजना) के लिए प्यार जैसे पवित्र रिश्ते को भी बदनाम करे....और जिदंगी भर का दुख दे, तो यह मुझे स्वीकार नही,..... शादी इन्सान के जीवन में बहुत महत्व रखती है शादी जैसा पवित्र रिश्ता तो बहुत सोच समझ कर करना  चाहिए... हमारे संस्कारों में तो शादी एक बार ही होती है बार बार नहीं....मैं तो समझ गई.... और अब मै मेरी और भी हिन्दू सहलियों को समझाऊगी....

कुछ लड़के लड़कियां काॅलेज की केन्टीन मे बैठ कर आजकल TV पर चल रहे "लव जिहाद" पर चर्चा कर रहे थे ।  एक लड़की ने कहा: "सब बकवास है यार,... प्रेम में धर्म कहां बीच में आ गया....? प्रेम तो हो जाता है यारों...!!  तब उसीकी एक सहली बोली; "अगर कोई मुस्लिम लड़का तुझे खुद को हिन्दू बता कर फसायें....और वो भी अपने जेहाद, अपने धर्म का लक्ष्य पूरा करने के लिए....और तुझसे शादी करले....और "शादी के बाद" तुझे पता चले के तेरा पति मुस्लिम है.... बोल, तेरे साथ धोखा हुआ है कि नहीं.....? तुझे कैसा लगेगा ...?   वो बोली "ये तो गलत है, धोखा है, Fraud है।"  फिर उस सहेली ने कुछ सवाल किये: "चल, लव जेहाद को छोड़.... तु Broad Minded है, Modern है, Secular है....और मान ले, तु एक मुस्लिम से शादी कर लेती है....Ok..?  (1) But क्या तू यह सहन कर पायेगी के तेरा पति तुझसे शादी के बाद और 3 बीवीयां लाये...? क्यूंकि इस्लाम तो 4 शादी की इजाज़त देता है ना..!! और सुन, मुस्लिम समाज में औरतों को अपने पति को तलाक देने का भी कोई अधिकार नहीं है, जबकि "वो" तुझे केवल 3 बार "तलाक तलाक तलाक" कहकर ही तलाक दे सकता है...!!  वो बोली "बिल्कुल नही मेरा पति सिर्फ मेरा होना चाहिए। यह तो सरासर मुस्लिम महिलाओं का शोषण....अत्याचार है।  (2) क्या तू चाहती है कि, तू हर साल गर्भवती हो ? और तुझे बच्चे पैदा करने वाली मशीन बना दिया जाये ?   वह बोली "मै.. और हर साल pregnent... हरगिज नहीं..."  (3) क्या तुझे यह पसंद आयेगा कि तेरा पति हफ्ते में सिर्फ जुम्मे (Friday) के दिन ही नहाये...और बाकी के दिनो मे सिर्फ इत्र लगा के घुमे?   "छी छी छी.......सिर्फ हफ्ते में एक दिन नहाये, तो उसे मैं अपने करीब भी ना आने दूं"  (4) क्य तुझे यह पसंद आयेगा की तेरे घर मे रोज किसी निर्दोष जानवर को मारके, काटके, उसका मांस मटन तुझे पकाना पडे....?  कभी कभी तो गाय भी मार के खाते उनके यहाँ...तो, क्या तू गाय खायेगी ?   वो बोली "बिल्कुल नही"  (5) रोज जींस पहन कर कोलेज आती है और शादी के बाद बुर्का पहनना पडे़, तो तू पहनेगी...?  वो बोली "ये तो औरतो को कैद करना जैसा हुआ !"   (6) तुझे पता है मुस्लिम औरत शादी के बाद नौकरी नहीं कर सकती, मौलवी का फतवा है.... और 90% मुस्लिम अपनी बीवी को बुरका के साथ घर की चार दीवारी मै कैद रखते है....चाहे उससे गर्मी में उनकी खाल जलती हो ।  वह बोली "यह कहां का न्याय है..? फिर मैंने जो पढाई की उसका कोई मेल ही नही रहेगा.... मै तो शादी के बाद भी जॉब करना चाहती हुं।  (7) और सुन, क्या तुझे यह पसंद आयेगा की तेरी बेटी का विवाह उसके चाचा, बुआ के बेटे के साथ हो.....?  वो बोली "चाचा और बुआ का लड़का तो भाई होता है...भाई के साथ शादी...?हरगिज नहीं..."   (8) क्या तु जानती है कि यह मुस्लिम शादी के पहले तो चिकने (Clean Shave) रहते है।  लेकिन 35 साल की उम्र के बाद ये दाढी रखते है... तो क्या तुझे अच्छा लगेगा की तेरा पति बालों से भरा हुआ रीछ सा लगे ?  वो बोली "छी छी हरगिज नही"   (9) क्या तुझे पता है की मुस्लिम अपनी 10-12 साल की उम्र की लडकी को भी 50-55 साल के बुढ़े आदमी से शादी करवा देते हैं,....क्योकि उनके "अल्लाह मोहम्मद साहब" ने भी अपने दोस्त अबु बकर की 9 साल की बेटी आयशा से शादी की थी....इस्लाम मैं ये बुरा नहीं माना जाता।   वो चौंकी "क्या बात कर रहे हो...?"  चल अब बता कि क्या तुझे "लव जिहाद" का शिकार होना है ?  फिर वो बोली: "Sorry यारों, माना कि प्यार हो जाता है....लेकिन कोई अपने जेहाद (धर्म बढ़ाने की बड़ी योजना) के लिए प्यार जैसे पवित्र रिश्ते को भी बदनाम करे....और जिदंगी भर का दुख दे, तो यह मुझे स्वीकार नही,..... शादी इन्सान के जीवन में बहुत महत्व रखती है शादी जैसा पवित्र रिश्ता तो बहुत सोच समझ कर करना  चाहिए... हमारे संस्कारों में तो शादी एक बार ही होती है बार बार नहीं....मैं तो समझ गई.... और अब मै मेरी और भी हिन्दू सहलियों को समझाऊगी....

कुछ लड़के लड़कियां काॅलेज की केन्टीन मे बैठ कर आजकल TV पर चल रहे "लव जिहाद" पर चर्चा कर रहे थे ।  एक लड़की ने कहा: "सब बकवास है यार,... प्रेम में धर्म कहां बीच में आ गया....? प्रेम तो हो जाता है यारों...!!  तब उसीकी एक सहली बोली; "अगर कोई मुस्लिम लड़का तुझे खुद को हिन्दू बता कर फसायें....और वो भी अपने जेहाद, अपने धर्म का लक्ष्य पूरा करने के लिए....और तुझसे शादी करले....और "शादी के बाद" तुझे पता चले के तेरा पति मुस्लिम है.... बोल, तेरे साथ धोखा हुआ है कि नहीं.....? तुझे कैसा लगेगा ...?   वो बोली "ये तो गलत है, धोखा है, Fraud है।"  फिर उस सहेली ने कुछ सवाल किये: "चल, लव जेहाद को छोड़.... तु Broad Minded है, Modern है, Secular है....और मान ले, तु एक मुस्लिम से शादी कर लेती है....Ok..?  (1) But क्या तू यह सहन कर पायेगी के तेरा पति तुझसे शादी के बाद और 3 बीवीयां लाये...? क्यूंकि इस्लाम तो 4 शादी की इजाज़त देता है ना..!! और सुन, मुस्लिम समाज में औरतों को अपने पति को तलाक देने का भी कोई अधिकार नहीं है, जबकि "वो" तुझे केवल 3 बार "तलाक तलाक तलाक" कहकर ही तलाक दे सकता है...!!  वो बोली "बिल्कुल नही मेरा पति सिर्फ मेरा होना चाहिए। यह तो सरासर मुस्लिम महिलाओं का शोषण....अत्याचार है।  (2) क्या तू चाहती है कि, तू हर साल गर्भवती हो ? और तुझे बच्चे पैदा करने वाली मशीन बना दिया जाये ?   वह बोली "मै.. और हर साल pregnent... हरगिज नहीं..."  (3) क्या तुझे यह पसंद आयेगा कि तेरा पति हफ्ते में सिर्फ जुम्मे (Friday) के दिन ही नहाये...और बाकी के दिनो मे सिर्फ इत्र लगा के घुमे?   "छी छी छी.......सिर्फ हफ्ते में एक दिन नहाये, तो उसे मैं अपने करीब भी ना आने दूं"  (4) क्य तुझे यह पसंद आयेगा की तेरे घर मे रोज किसी निर्दोष जानवर को मारके, काटके, उसका मांस मटन तुझे पकाना पडे....?  कभी कभी तो गाय भी मार के खाते उनके यहाँ...तो, क्या तू गाय खायेगी ?   वो बोली "बिल्कुल नही"  (5) रोज जींस पहन कर कोलेज आती है और शादी के बाद बुर्का पहनना पडे़, तो तू पहनेगी...?  वो बोली "ये तो औरतो को कैद करना जैसा हुआ !"   (6) तुझे पता है मुस्लिम औरत शादी के बाद नौकरी नहीं कर सकती, मौलवी का फतवा है.... और 90% मुस्लिम अपनी बीवी को बुरका के साथ घर की चार दीवारी मै कैद रखते है....चाहे उससे गर्मी में उनकी खाल जलती हो ।  वह बोली "यह कहां का न्याय है..? फिर मैंने जो पढाई की उसका कोई मेल ही नही रहेगा.... मै तो शादी के बाद भी जॉब करना चाहती हुं।  (7) और सुन, क्या तुझे यह पसंद आयेगा की तेरी बेटी का विवाह उसके चाचा, बुआ के बेटे के साथ हो.....?  वो बोली "चाचा और बुआ का लड़का तो भाई होता है...भाई के साथ शादी...?हरगिज नहीं..."   (8) क्या तु जानती है कि यह मुस्लिम शादी के पहले तो चिकने (Clean Shave) रहते है।  लेकिन 35 साल की उम्र के बाद ये दाढी रखते है... तो क्या तुझे अच्छा लगेगा की तेरा पति बालों से भरा हुआ रीछ सा लगे ?  वो बोली "छी छी हरगिज नही"   (9) क्या तुझे पता है की मुस्लिम अपनी 10-12 साल की उम्र की लडकी को भी 50-55 साल के बुढ़े आदमी से शादी करवा देते हैं,....क्योकि उनके "अल्लाह मोहम्मद साहब" ने भी अपने दोस्त अबु बकर की 9 साल की बेटी आयशा से शादी की थी....इस्लाम मैं ये बुरा नहीं माना जाता।   वो चौंकी "क्या बात कर रहे हो...?"  चल अब बता कि क्या तुझे "लव जिहाद" का शिकार होना है ?  फिर वो बोली: "Sorry यारों, माना कि प्यार हो जाता है....लेकिन कोई अपने जेहाद (धर्म बढ़ाने की बड़ी योजना) के लिए प्यार जैसे पवित्र रिश्ते को भी बदनाम करे....और जिदंगी भर का दुख दे, तो यह मुझे स्वीकार नही,..... शादी इन्सान के जीवन में बहुत महत्व रखती है शादी जैसा पवित्र रिश्ता तो बहुत सोच समझ कर करना  चाहिए... हमारे संस्कारों में तो शादी एक बार ही होती है बार बार नहीं....मैं तो समझ गई.... और अब मै मेरी और भी हिन्दू सहलियों को समझाऊगी....

Friday, 17 February 2017

Ravi Patel Varanasi

पदार्थ इंजीनियरिंग, पदार्थ विज्ञान
 सिविल इंजीनियरिंग हर स्तर पर होती है: सार्वजनिक क्षेत्र में नगरपालिका के क्षेत्र से संघीय स्तरों तक और निजी क्षेत्र में व्यक्तिगत घरों के मालिकों से अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों तक.
परिवहन इंजीनियरिंग, परिवहन इंजीनियरिंग (पृष्ठ मौजूद नहीं है)
तटीय इंजीनियरिंग, तटीय प्रबंधन (पृष्ठ मौजूद नहीं है)
जल संसाधन इंजीनियरिंग, जलीय इंजीनियरिंग या हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग (पृष्ठ मौजूद नहीं है)
संरचनात्मक इंजीनियरिंग संरचनात्मक इंजीनियरिंग
परंपरागत रूप से इसे कई उप-शाखाओं में बांटा गया है, जिनमें -
 इसे सैन्य इंजीनियरिंग से अलग करने के लिए 'असैनिक इंजीनियरिंग' (सिविल इंजीनियरी) के रूप में परिभाषित किया गया।
सिविल इंजीनियरिंग सिविल इंजीनियरिंग
बाँध बांध
भवनों भवन
 आदि के
 और
नहरें नहर
सड़क सड़क
पुल पुल
 की एक शाखा है जो कि भौतिक और प्राकृतिक रूप से बने परिवेश में
पदार्थ इंजीनियरिंग, पदार्थ विज्ञान  सिविल इंजीनियरिंग हर स्तर पर होती है: सार्वजनिक क्षेत्र में नगरपालिका के क्षेत्र से संघीय स्तरों तक और निजी क्षेत्र में व्यक्तिगत घरों के मालिकों से अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों तक. परिवहन इंजीनियरिंग, परिवहन इंजीनियरिंग (पृष्ठ मौजूद नहीं है) तटीय इंजीनियरिंग, तटीय प्रबंधन (पृष्ठ मौजूद नहीं है) जल संसाधन इंजीनियरिंग, जलीय इंजीनियरिंग या हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग (पृष्ठ मौजूद नहीं है) संरचनात्मक इंजीनियरिंग संरचनात्मक इंजीनियरिंग परंपरागत रूप से इसे कई उप-शाखाओं में बांटा गया है, जिनमें -  इसे सैन्य इंजीनियरिंग से अलग करने के लिए 'असैनिक इंजीनियरिंग' (सिविल इंजीनियरी) के रूप में परिभाषित किया गया। सिविल इंजीनियरिंग सिविल इंजीनियरिंग बाँध बांध भवनों भवन  आदि के   और  नहरें नहर सड़क सड़क पुल पुल  की एक शाखा है जो कि भौतिक और प्राकृतिक रूप से बने परिवेश में

Tuesday, 31 January 2017

Ravi Patel Varanasi

Ravi Patel Varanasi
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Ravi Patel,  Ravi Patel Varanasi,  the war of Antigraft

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Ravi Patel Varanas,i The War Of Antigraft , Chunar


Ravi Patel Varanasi

Ravi Patel Varanasi
जरुरतमंदों की विधिक सहायता के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण आगे आया है। राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। इन हेल्पलाइन नंबर के जरिए आप कहीं से भी निशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। बस आपको अपने मोबाइल या लैंडलाइन फोन नंबर से टोल फ्री नंबर '18004190234' तथा '15100' पर कॉल करनी होगी।

लोगों को निशुल्क विधिक सेवाएं मुहैया कराने को राष्ट्र स्तर से लेकर जिला स्तर तक विधिक सेवा प्राधिकरणों को गठन किया गया है। शहर से लेकर ग्रामीण स्तर तक विधिक साक्षरता कार्यक्रमों के साथ-साथ जरुरतमंदों को विधिक सहायता भी उपलब्ध करायी जाती है। लेकिन अब राज्य एवं राष्ट्र स्तर पर टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। राज्य स्तर पर टोल फ्री नंबर '18004190234' तथा राष्ट्रीय स्तर पर '15100' जारी किया गया है। इन खास नंबरों पर कॉल करके विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है। लिहाजा ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसकी जानकारी हो इसके लिए जिलाधिकारी वेद प्रकाश ने इन टोल फ्री नंबरों को सार्वजनिक स्थल, मेले, साक्षरता शिविर, लोक अदालत, गोष्ठियों सूचना पटलों आदि के साथ-साथ अन्य सहजदृश्य स्थल, जनपद के मुख्य कार्यालय, बस/रेलवे स्टेशन, तहसीलों, दीवारों अथवा विज्ञापन बोर्डो पर अंकित कराये जाने के निर्देश जारी किए हैं।

(जरुरी कानूनी सलाह)
गैरकानूनी काम करने पर कानून की जानकारी नहीं होने का बहाना नहीं बनाएं।
अगर आपकी गलती से किसी को नुकसान होता है तो आप ये नहीं कह सकते हैं कि गैरइरादतन ऐसा हो गया। जैसे लापरवाही से गाड़ी चलाना ।
अगर आपको कोई काम गैरकानूनी लगता है तो कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश ना करें । केवल आत्मरक्षा में आवश्यक बचाव करें।
किसी सरकारी कर्मचारी या अदालत के कानूनी आदेश/निर्देश/बुलावे(समन) को नहीं मानना या गलत जानकारी देना अपराध है।
किसी अधिकारी या कर्मचारी से काम करवाने के लिए उसे उपहार या पैसा देना अपराध है।
किसी दस्तावेज में कोई बदलाव ना करें या गलती ठीक करने की कोशिश नहीं करें । ऐसा करना अपराध माना जायेगा।

(इन कामों में सावधानी बरतें)
सिविलियन थल सेना , नौसेना और वायुसेना की ड्रेस ना पहनें और तमगे ना लगाएं।
राष्ट्रीय ध्वज को सही तरीके से फहराएं औऱ रखें। ध्वज का अपमान ना करें।
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान या नशा ना करें ।
महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार ना करें ।
झूठी धारणाएं और अफवाहें ना फैलाएं।
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान ना पहुंचाएं।

(जरुरी बातों का ध्यान रखें)
देश के कानूनों , राष्ट्रीय प्रतीकों, सार्वजनिक संस्थानों , संविधान और दूसरों की गरिमा का ध्यान रखें
किसी भी अधिकारी या कर्मचारी से गैरकानूनी सुविधाओं की मांग ना करें ।
किसी भी मामले में अदालत जाने से पहले सुलह-सफाई से सुलझाने की कोशिश करें।
कानून और व्यवस्था बनाए रखने में अधिकारियों की मदद करें। जैसे-किसी अपराध के बारे में पुलिस को बताएं,कर्फ्यू का उल्लंघन ना करें।

(सामान्य कानूनी प्रावधान)
संविधान और कानून की नजर में सभी बराबर हैं और सभी को कानूनी संरक्षण पाने का अधिकार है ।
मूल अधिकारों का उल्लंघन होने पर आप सीधे उच्चन्यायालय या उच्चतम न्यायालय में जा सकते हैं ।
अपने जानमाल की रक्षा के लिए काम कर सकते हैं । ये अपराध नहीं माने जायेंगे । जैसे बाढ़ आने पर बस्ती को बचाने के लिए नहर को तोड़ देना, मरीज की जान बचाने के लिए उसका पैर काट देना।
आत्मरक्षा के लिए हमलावर पर हमला कर सकते हैं , लेकिन एक सीमा तक ही ऐसा कर सकते हैं ।
-अमित
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Ravi Patel,  Vikas , Ritesh , Prabhat

VIKAS,  DEEPAK,  RAVI

Ravi Patel,  Vishal,  Vijay

Vijay,  Ravi Patel

Prabhat,  Akhilesh,  Piyush,  Deepak,  Vikas,  Ravi Patel

Akhilesh,  Deepak,  Vikas,  Prashant,  Ravi , Piyush